डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण महामारी के कारण 2020 में UPSC का आखिरी अटेम्प्ट न दे पाने वाले कैंडिडेट्स के लिए अच्छी खबर आई है। केंद्र सरकार सिविल सेवा परीक्षा के उन कैंडिडेट्स को एक और मौका देने के लिए राजी हो गई है, जिन्होंने अक्टूबर 2020 में अपना आखिरी अटेम्प्ट दिया था। बता दें कि इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि छात्रों को दूसरा मौका नहीं दिया जाएगा।

शुक्रवार (5 फरवरी 2021) को न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष केंद्र ने कहा कि राहत खासतौर पर केवल सिविल सेवा परीक्षा-2021 (CSE) के लिए ऐसे अभ्यर्थियों तक ही सीमित रहेगी जो कि CSE-2020 में अपने अंतिम प्रयास में शामिल हुए थे और सीएसई-2021 में बैठने के लिए जिनकी आयु सीमा (अधिकतम 32 वर्ष) समाप्त नहीं हुई है। ऐसे अभ्यर्थियों को एक और बार परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।

हर साल 9 से 10 लाख स्टूडेंट्स UPSC की परीक्षा में होते हैं शामिल
बता दें कि हर साल करीब 9 से 10 लाख स्टूडेंट्स UPSC परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं और प्रारंभिक परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों की संख्या लगभग 5,50,000 होती है। जबकि सिर्फ 1000-1200 पद ही खाली होते हैं। प्रीलिम्स के लिए परिणाम अगस्त में प्रकाशित किए जाते  हैं, जबकि फाइनल परिणाम अगले वर्ष के मई में प्रकाशित किए जाते हैं। बता दें कि 2019 में करीब 4 लाख 93 हजार 972 स्टूडेंट्स ने UPSC परीक्षा दी थी।



.Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.
.
...
Government agrees to give second chance in Civil Services Examination
.
.
.


from दैनिक भास्कर हिंदी https://ift.tt/3oOYwrL

Post a Comment

Previous Post Next Post